गुमनामी से बदनामी भला
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आज Artificial Intelligence (AI) तेजी से बदलती दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक बन चुका है। ChatGPT, Google Gemini और Microsoft Copilot जैसे AI टूल्स ने काम करने का तरीका बदल दिया है। इन्हीं में से एक शक्तिशाली प्लेटफ़ॉर्म है Google AI Studio।
यदि आप AI सीखना चाहते हैं, कंटेंट बनाते हैं, प्रोग्रामिंग करते हैं या अपने व्यवसाय में AI का उपयोग करना चाहते हैं, तो Google AI Studio आपके लिए एक उपयोगी प्लेटफ़ॉर्म हो सकता है।
इस लेख में हम Google AI Studio को सरल हिंदी में समझेंगे :
Google AI Studio, Google द्वारा विकसित एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ आप Gemini AI मॉडल के साथ सीधे काम कर सकते हैं। इसकी मदद से आप AI को निर्देश (Prompt) देकर लेख, कोड, ईमेल, सारांश, विचार और अन्य प्रकार का कंटेंट तैयार कर सकते हैं।
यह प्लेटफ़ॉर्म विशेष रूप से डेवलपर्स, ब्लॉगर, विद्यार्थी और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए उपयोगी है।
Google के आधुनिक AI मॉडल का उपयोग।
अलग-अलग Prompt लिखकर तुरंत परिणाम देख सकते हैं।
उत्तर बहुत तेज़ी से प्राप्त होते हैं।
डेवलपर्स अपने Apps में AI जोड़ सकते हैं।
शुरुआत करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए कई सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं।
Google Account से Sign In करें।
नया Prompt बनाइए।
अपना प्रश्न लिखिए।
उदाहरण:”SEO Friendly Hindi Blog लिखो।”
Generate पर क्लिक करें। कुछ ही सेकंड में AI उत्तर तैयार कर देगा।
SEO लेख लिखने के लिए।
Notes तैयार करने के लिए।
API और AI Applications बनाने के लिए।
Content Ideas और Marketing Copy तैयार करने के लिए।
Study Material बनाने के लिए।
✅ तेज़ काम
✅ नए Ideas
✅ Coding Support
✅ Research में सहायता
✅ Content Creation
✅ Productivity बढ़ाता है
हर उत्तर सही हो, यह आवश्यक नहीं।
इसलिए निम्न बातों का ध्यान रखे :
हाँ, शुरुआती उपयोगकर्ताओं के लिए Google AI Studio का Free Version उपलब्ध है। हालाँकि, उपयोग की सीमा और सुविधाएँ समय-समय पर बदल सकती हैं।
यदि आप Blog लिखते हैं तो यह आपके लिए उपयोगी है।
लेकिन याद रखें—
AI से केवल Draft तैयार करे।
अंतिम लेख हमेशा स्वयं संपादित करें।
| Google AI Studio | ChatGPT |
|---|---|
| Google Gemini मॉडल | OpenAI मॉडल |
| Prompt Testing | सामान्य Chat Interface |
| Developers के लिए बेहतर | सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए आसान |
| API Integration | API भी उपलब्ध |
Google AI Studio उन लोगों के लिए एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है जो AI की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं। चाहे आप विद्यार्थी हों, ब्लॉगर, शिक्षक या डेवलपर—यह टूल आपकी कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है। लेकिन किसी भी AI टूल की तरह इसका उपयोग सोच-समझकर करें और प्रकाशित करने से पहले हर महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच अवश्य करें।
हाँ, शुरुआती उपयोग के लिए इसका Free Version उपलब्ध है।
नहीं। दोनों अलग-अलग कंपनियों द्वारा विकसित AI प्लेटफ़ॉर्म हैं और उनकी विशेषताएँ भी कुछ अलग हैं।
Google AI Studio क्या है? शुरुआती लोगों के लिए संपूर्ण हिंदी गाइड (2026) Read More »
आज के समय में Artificial Intelligence (AI) केवल तकनीक का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह लेखन, शिक्षा, व्यवसाय और डिजिटल मार्केटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। पहले जहाँ एक ब्लॉग लिखने में कई घंटे लग जाते थे, वहीं अब AI की सहायता से प्रारंभिक ड्राफ्ट कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है।
लेकिन यहाँ एक बात समझना बहुत आवश्यक है—AI लेखक नहीं, बल्कि एक सहायक (Assistant) है।
यदि आप AI से निकले हुए लेख को बिना पढ़े अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित कर देंगे, तो वह पाठकों के लिए भी कम उपयोगी होगा और Google में अच्छा प्रदर्शन भी नहीं कर पाएगा।
इस लेख में हम समझेंगे कि AI की सहायता से हिंदी में ऐसा ब्लॉग कैसे लिखा जाए जो उपयोगी हो, पढ़ने में स्वाभाविक लगे और SEO के लिए भी बेहतर हो।
AI (Artificial Intelligence) ऐसी तकनीक है जो इंसानों की तरह जानकारी को समझने, विश्लेषण करने और उत्तर तैयार करने में सहायता करती है। ChatGPT, Google Gemini और Microsoft Copilot जैसे AI टूल आज ब्लॉग लेखन को पहले से कहीं अधिक आसान बना रहे हैं।
लेकिन AI केवल सुझाव देता है। अंतिम गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि लेखक उसमें कितना सुधार करता है।
हाँ, यदि आप AI का उपयोग सही तरीके से करें।
Google का उद्देश्य यह नहीं है कि लेख किसने लिखा, बल्कि यह है कि क्या वह लेख उपयोगकर्ता के लिए उपयोगी है।
यदि आपका लेख—
तो उसके अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना अधिक होती है
कभी भी AI से यह मत कहिए कि “एक ब्लॉग लिख दो।”
पहले तय करें कि आपको किस विषय पर लिखना है।
उदाहरण
ब्लॉग लिखने से पहले यह जानना जरूरी है कि लोग क्या खोज रहे हैं।
उदाहरण
Focus Keyword
AI से हिंदी में ब्लॉग कैसे लिखें
Secondary Keywords
लेख लिखने से पहले उसकी रूपरेखा तैयार करें।
जैसे
इससे लेख व्यवस्थित बनता है।
अब AI से पहला ड्राफ्ट तैयार कराइए।
लेकिन इसे अंतिम लेख मत मानिए।
यही सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
उदाहरण के लिए, यदि आपने AI से 10 लेख लिखे हैं, तो अपना अनुभव जोड़िए—
यही आपकी वेबसाइट को दूसरों से अलग बनाएगा।
❌ बिना पढ़े Publish करना।
❌ तथ्य जाँचे बिना लेख डाल देना।
❌ हर लेख में एक जैसी भाषा रखना।
❌ केवल Keywords भर देना।
❌ बहुत छोटे लेख लिखना।
AI हर जानकारी को हमेशा सही नहीं बताता।
इसलिए—
AI ने ब्लॉगिंग को पहले से अधिक सरल बना दिया है, लेकिन सफलता केवल उसी को मिलेगी जो AI को सहायक की तरह उपयोग करेगा, विकल्प की तरह नहीं।
यदि आप मौलिक विचार, सही जानकारी और उपयोगी लेख प्रकाशित करेंगे, तो धीरे-धीरे आपकी वेबसाइट पर पाठकों का विश्वास भी बढ़ेगा और खोज परिणामों में बेहतर प्रदर्शन की संभावना भी बनेगी।
हाँ, यदि वे उपयोगी, मौलिक, सटीक और अच्छी तरह संपादित हों।
पहला ड्राफ्ट तैयार कराया जा सकता है, लेकिन अंतिम लेख में अपना अनुभव, उदाहरण और संपादन अवश्य जोड़ें।
यदि कंटेंट उच्च गुणवत्ता का है, पाठकों के लिए उपयोगी है और कॉपी-पेस्ट नहीं है, तो केवल AI की सहायता लेने से समस्या नहीं होती।
AI से हिंदी में ब्लॉग कैसे लिखें? शुरुआती लोगों के लिए पूरी गाइड (2026) Read More »
Do Work for Only Your Work
आज के समय में अधिकांश लोग अपने काम से अधिक उस काम की सराहना पाने पर ध्यान देते हैं। जब किसी कार्य के बदले प्रशंसा, पुरस्कार या पहचान नहीं मिलती, तो वे निराश हो जाते हैं। लेकिन जीवन का सबसे बड़ा सत्य यह है कि हमें काम केवल प्रशंसा के लिए नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य और अपने उद्देश्य के लिए करना चाहिए। यही इस प्रेरणादायक विचार का सार है—”Don’t Do Work for Appreciation, Do Work for Only Your Work.”
जब कोई व्यक्ति केवल प्रशंसा पाने के लिए काम करता है, तो उसका ध्यान परिणाम और दूसरों की राय पर केंद्रित हो जाता है। यदि लोग उसकी तारीफ करें तो वह खुश होता है, और यदि कोई उसकी मेहनत को न पहचाने तो वह दुखी हो जाता है। इस प्रकार उसका आत्मविश्वास दूसरों की स्वीकृति पर निर्भर हो जाता है। इसके विपरीत, जो व्यक्ति अपने काम से प्रेम करता है और उसे पूरी ईमानदारी से करता है, वह बाहरी प्रशंसा का मोहताज नहीं होता।
इतिहास में अनेक महान व्यक्तियों ने बिना किसी तत्काल प्रशंसा की अपेक्षा के अपना कार्य किया। उन्होंने अपने लक्ष्य, अपने सिद्धांतों और अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी। समय के साथ उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें सम्मान और सफलता दिलाई। इसका अर्थ यह है कि सच्ची पहचान अपने आप मिलती है, लेकिन उसका पीछा करने से अक्सर निराशा ही हाथ लगती है।
काम को पूजा माना गया है। जब हम अपने कार्य को पूरी लगन, निष्ठा और ईमानदारी से करते हैं, तो वह स्वयं हमारी पहचान बन जाता है। चाहे कोई देखे या न देखे, चाहे कोई सराहे या न सराहे, हमारा प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। हर मेहनत हमें कुछ नया सिखाती है, हमारे व्यक्तित्व को मजबूत बनाती है और हमें सफलता के और करीब ले जाती है।
जीवन में कई बार ऐसा होगा जब हमारी मेहनत को तुरंत पहचान नहीं मिलेगी। लोग हमारी उपलब्धियों को नजरअंदाज कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारा काम महत्वहीन है। वास्तव में, सबसे मूल्यवान कार्य वही होते हैं जो बिना शोर-शराबे के, पूरी निष्ठा से किए जाते हैं। इसलिए हमें अपने कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए, न कि लोगों की तालियों पर।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि सच्ची सफलता तब मिलती है जब हम अपने काम को अपना कर्तव्य समझकर करते हैं, न कि प्रशंसा पाने का साधन। प्रशंसा अस्थायी होती है, लेकिन उत्कृष्ट कार्य स्थायी पहचान बनाता है। इसलिए हमेशा याद रखें—काम इसलिए मत करो कि लोग आपकी तारीफ करें; काम इसलिए करो क्योंकि वह आपका कर्तव्य है और आप उसे बेहतरीन तरीके से करना चाहते हैं। जब आपका काम बोलने लगेगा, तब दुनिया अपने आप आपकी सराहना करेगी।
आज का विचार – “Don’t Do Work for Appreciation, Do Work for Only Your Work” Read More »
हे मंहगाई देवता तुमको है प्रणाम ,
इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।
रोज बढ़ाते दाम तुम , जरा न करते देरी,
तुम्हे पूजते वही रात दिन , करते जो हेरा फेरी ।।
रोटी कपड़ा घर का सपना बस केवल अरमान,
इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।।
सब्जी मंडी रो रही , सिसक रहा है गल्ला,
तरस रहा है दूध को देखो हर एक छोटा लल्ला ।
सेव संतरे तड़प उठे , न रहा कोई पहचान,
इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।।
महँगी हुई किताबे कापी, महँगी हुई दवाई,
खर्चे केवल बढ़ रहे है , बढती नहीं कमाई ।
डीजल पेट्रोल के दाम को सुनकर निकली जाये जान,
इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।।
बेटा देखो खड़ा लाइन में लेने टिकट धुरंधर,
माँ बापू है खड़े हाथ में खाली लिए सिलिंडर ।
सिखा दिया है थोड़े दिन में कैसे जिए इंसान,
इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।।
महंगाई देवता – MEHANGAI DEVATA Read More »

तेरी महिमा मैं क्या जानूँ, वो जाने वेद पुरान
तीनो लोक में नहीं मिलेगा तुझसे बड़ा महान
पल में प्रलय कर सकता है तू है प्रलयंकारी
दानी भी न तुझसा कोई जाने दुनिया सारी
झोली ही कम पड़ जाती जिसको तू देता दान
तीनो लोक में नहीं मिलेगा तुझसे बड़ा महान
जब जब संकट आया जग पर तूने ही संहार किया
जल थल नभ का एक ही पल में तूने है उद्धार किया
सारे प्राणी पूजे तुझको देव हो या शैतान
तीनो लोक में नहीं मिलेगा तुझसे बड़ा महान
मैं अज्ञानी नर अभिमानी कभी न तुझको याद करू
विपति पड़े तो उस पल आकर तुझसे ही फरियाद करू
कुछ न सोचे कैसे भी हो कर देता कल्याण
तीनो लोक में नहीं मिलेगा तुझसे बड़ा महान l
कवि – बीरेंद्र गौतम ” अकेलानंद” – बस्ती
तेरी महिमा मैं क्या जानूं – शिव महिमा Read More »
जो मैं इतना जानता पी एम् बनना बे-आस
राजनीति को छोड़कर ले लेता सन्यास

एक बार बनाकर पी एम् हमको देखो मोदी जी
राहुल ये रो रो कहे ।
एक बार चलाकर शासन हम देखेंगे मोदी जी
राहुल ये रो रो कहे।।
क्या काला धन होता है, क्या घोटाला होता है,
नदियों का पानी क्यों गन्दा नाला होता है,
एक बार हमें भी बजट पास करने दो मोदी जी
राहुल ये रो रो कहे।।
एच 1 बीजा से क्यों हमें ट्रम्प डराता है,
टैरिफ हम पर क्यों वो 100 परसेंट लगाता है,
एक बार ट्रंप से मीटिंग तो करवा दो मोदी जी
राहुल ये रो रो कहे।।
सभी चुनाव से पहले क्यों धमाका होता है,
ई वी एम् मशीन से वोटो का क्यों डाका होता है,
बैलेट पेपर से वोट जरा डलवा दो मोदी जी
राहुल ये रो रो कहे।।
(मोदी जी – भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री , राहुल – कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष , ट्रंप- अमेरिका के राष्ट्रपति , एच 1 बीजा – ट्रंप द्वारा भारतीयों पर लगाया आदेश , ई वी एम् मशीन – जिससे वोट डाला जाता है )
राहुल ये रो रो कहे Read More »

दगाबाज रे , हाय दगाबाज रे
सारे नेता बड़े दगाबाज रे
नेता नेता हाय नेता ….. नेता नेता
छोटे नेता.. बड़े नेता .. बैठे नेता .. खड़े नेता
सारे नेता बड़े दगाबाज रे
कल लिए वोट भूल गए आज रे
दगाबाज रे सारे नेता बड़े दगाबाज रे
आते चुनाव में गिर जाते पाँव में
देखे न धरम जतिया ……
कहते जिताओगे तो साथ खड़े पाओगे
दिन हो या हो रतिया …….
बस एक बार हम पर एहसान कई दे
हमरा मुहर पर इस बार ध्यान दई दे
फिर तो न करिहे इ तोहसे बात रे
दगाबाज रे .. सारे नेता बड़े दगाबाज रे
वादा किये है जो पूरा न करते है
जाने है सब बतिया ….
करते घोटाले है दिन इनके काले है
मारी गई है मतिया ….
इक से इक बढकर इनके है पाप रे
फिर भी छबि इनकी रहती है साफ़ रे
हाय दगाबाज रे .. दगाबाज रे ..
सारे नेता बड़े दगाबाज रे
सारे नेता बड़े दगाबाज रे Read More »
कविता
पत्नी है जान मेरी
पत्नी है शान मेरी
हर पल पत्नी हीं
रखती है ध्यान मेरी
पत्नी हीं ध्यान है
पत्नी हीं ज्ञान है
सभी देविओं में सिर्फ
पत्नी महान है
पत्नी सुबह होती
पत्नी हीं शाम है
पत्नी के दया से हीं
बनते सब काम है
पत्नी हीं भूख होती
पत्नी हीं प्यास है
सुख दुख गम की
पत्नी हीं रास है
पत्नी बनाती घर
पत्नी सजाती घर
पत्नी से हीं मिलती
चैन की सांस है
पत्नी के साथ रहो
जो वो चाहे वही कहो
वरना पूरे घर की
करतीं विनाश है
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कवि बीरेंद्र गौतम “अकेलानंद”
बस्ती-उत्तर प्रदेश
कौन काटेगा कौन बाँटेगा , सच्चा हिन्दू कौन छाँटेगा
आज धर्म की बात करेंगे, पीछे फिर बर्बाद करेंगे
अभी तलक क्यो सोये थे, जब हम निचले रोये थे
तब तक क्या हम हिन्दू ना थे, तेरे धर्म के बिंदु न थे

तब तुमने फटकार दिया, कुत्ते सा दुत्कार दिया
गले मे हांडी डाली थी , कहते हमको गाली थी
तेरे राह न चलते थे, गन्दगियो मे पलते थे
ना पढ़ने लिखने का हक़ था, पास ना धन् रखने का हक था

तुमने वेद पुराण बनाया, 33 करोड़ भगवान बनाया
मंदिर की भरमार हुई, फिर जाति एक लाचार हुई
चार जगह से जन्म दिखाया, खुद को मुख से उतपन्न बताया
शूद्र – शूद्र कहकर चिल्लाये, सबके मन मे जहर फैलाये

हम खुद से ही शर्माते थे, और मुखड़ा सदा छिपाते थे
तुम तो भगवान के प्यारे थे, हम पिछले जन्म के मारे थे
कुछ ऐसा ही पाठ पढ़ाया, स्वर्ग नरक का डर दिखलाया
फिर एक मसीहा जाग उठा, दिल में सबके तूफ़ान उठा

जिस दिन लागू सविधान हुआ, वो हम सबका भगवान हुआ
तब जाकर हम इंसान बने, फिर पढ़ लिखकर धनवान बने
अब तुमने जो गुमराह किया, है वादा तुम्हे न छोड़ेंगे
जितने वर्षो तक हमें सताया, उतने टुकड़ो में तोड़ेंगे
हम बौद्ध धर्म अनुयायी है, ना बैर किसी से करते है
पर बात अगर अभिमान की हो, फिर मरने से ना डरते है
है देश में डंका बाज रहा, आज जय भीम के नारो से
शिक्षित और संगठित रहो, ना डरना इन गद्दारों से.
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कवि बीरेंद्र गौतम “अकेलानंद”
जिला बस्ती , उत्तर प्रदेश
शूद्र की चेतना एवं सच्चा हिन्दू कौन ? Read More »
कौन हूँ मैं, मैं कौन हूँ
आन हूँ मैं बान हूँ
खुद की अपनी शान हूँ
जिन्दगी में कौन मेरा
मैं तो खुद की जान हूँ
कौन हूँ मैं , मैं कौन हूँ
सपनो का मैं राही हूँ
मैं निडर सिपाही हूँ
अपनी बलि चढाने को
खुद ही मैं कसाई हूँ
कौन हूँ मैं , मैं कौन हूँ
ना मेरा कोई प्यार है
न किसी से इजहार है
तन्हाई में मैं जीता हूँ
तन्हाई मेरा यार है
कौन हूँ मैं, मैं, कौन हूँ
कोई ख्वाब मेरा तोड़ गया
मझधार में ही छोड़ गया
एहसान किया उसने मुझ पर
मुझको मुझसे जोड़ गया
कौन हूँ मैं, मैं कौन हूँ
अब तो मैं रुकुंगा नहीं
अब कभी झुकूँगा नहीं
वो खुद को चाहे मार दे
पर साथ दे सकूँगा नहीं
कौन हूँ मैं, मैं कौन हूँ
अब किसी की सुनना नहीं
साथी कोई चुनना नहीं
शांत हो चूका हूँ मैं
ख्वाब कोई बुनना नहीं
अब मौन हूँ मैं, हां मैं मौन हूँ
कवि बीरेंद्र गौतम “अकेलानंद “

दादा जी दादा जी मुझको फिर से गले लगाओ न,
घिरा पड़ा हूँ अंधकार से आकर राह दिखाओ न ।
बचपन में चलते चलते जब घुटने पर गिर जाता था ,
मिट्टी कीचड़ में सन करके मैं गंदा हो जाता था ।।
रोते रोते सूनी आँखे आंसू से भर जाती थी ,
माता भी गुस्से में जब पास न मेरे आती थी ।
झुकी कमर से भी तुम तब ऐसी दौड़ लगाते थे,
राजा बेटा मेरा कहकर फ़ौरन गोद उठाते थे ।।
आज गिरा हालात में फसकर फिर से मुझे उठाओ न ।
दादा जी दादा जी मुझको फिर से गले लगाओ न ।।
राजा रानी, घोड़े हाथी के किस्से रोज सुनाते थे,
मुझे बिठा कर पीठ पर अपने खुद घोडा बन जाते थे ।
कभी सहारा बनू आपका , मुझको चलना सिखलाया,
सही गलत में फर्क भी करना तुमने मुझको बतलाया ।।
आज जमाना बदल चुका है समझ नहीं कोई आता ,
रहे सामने साथी बनकर पीछे से गला दबा जाता ।
कौन है अपना कौन पराया फिर मुझको समझाओ न,
फिर से गिरा मुसीबत में अब इससे मुझे बचाओ न ।।
दादा जी दादा जी मुझको फिर से गले लगाओ न ।
घिरा पड़ा हूँ अंधकार से आकर राह दिखाओ न ।।
कवि बीरेंद्र गौतम ” अकेलानन्द”
दादा जी दादा जी मुझको फिर से गले लगाओ न Read More »
किसी बात पर हंसो , कभी बिन बात पर हंसो
हालत नहीं अच्छे तो, अपने हालात पर हंसो
हंसो हर दिन पर और हर रात पर हंसो
कभी जुदाई पर हंसो तो, कभी मुलाकात पर हंसो
अपने हार पर हंसो, फिर उसी जज्बात पर हंसो
किसी ने दी नहीं कभी , हर उस सौगात पर हंसो
ज़माना हंस रहा तुम पर, उस सवालात पर हंसो
हंसो हरदम की जब तक, तुम्हारे अंदर सांस बाकी है
और जब अंत हो नजदीक , तो उस कायनात पर हंसो
सदा उदास रहने से, सब कुछ बिखर जाता है
और हंसते रहने से जीवन संवर जाता है
अकेले में भी हंसो और सबके साथ भी हंसो
किसी बात पर हंसो तो कभी बिन बात पर हंसो
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बीरेंद्र गौतम ” अकेलानंद “
हंसो हमेशा जिन्दगी में Read More »

तेरा मुझसे दूर जाने का कोई गम नहीं,
सुकून है इसकी वजह तो हम नहीं ।
जमाने से जाकर मेरी ही कमियाँ गिनाएगी,
फिर भी यकीं है की तेरी दलील में कोई दम नहीं ।।
इस हुश्न की तारीफ़ में कुछ न बोलूँगा ,
हर गम को सहते हुए छुपकर रो लूँगा ।
मालूम है उसका प्यार सिर्फ मेरा ही नहीं है ,
पर ये राज जमाने के सामने नहीं खोलूँगा ।।
कहने को तो बहुत कुछ है पर आप सुनते कहाँ हो ,
हमारे यादो के भी सपने आप बुनते कहाँ हो ।
हमने तो पहली नजर में आपको अपना बना लिया,
किसी कशमकस में आप हमें चुनते कहाँ हो ।।
उसकी बेरुखी को कब तक सह पाऊंगा ,
अब जाने किस हद तक चुप रह पाऊंगा ।
पता है वो शामिल है किसी गैर की महफ़िल में ,
प्यार खोने के डर से मैं कुछ न कह पाऊंगा ।।
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तेरा मुझसे दूर जाने का गम नहीं Read More »