मेरे साथी – मेरी जान (MERE SATHI – MERI JAAN )

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मेरे साथी – मेरी जान

तू दोस्त है ,  तू साथी है ,

तू जान है, तू जहान है I

तू ही प्रिये, प्रियतम तू ही ,

तू दिल की हर अरमान है II

 

मुझे एक फिक्र रहती हरदम,

मेरा भी कोई हमदम होता I

रहता हर पल वो साथ मेरे ,

चाहे ख़ुशी हो या फिर गम होता II

जिसे ढूंढ रही थी ये आँखे ,

वो इश्वर का वरदान है I

तू दोस्त है तू साथी है ,

तू जान है तू जहान है II

 

बिन तेरे था जीवन सूना ,

दिल की हर बात थी अनसूना I

इक पल भी आँखे नम जो हुई,

पग डोले, हिम्मत कम जो हुई I

तुम साथ थी हर पल ये कहते ,

आगे बढ़ साथ में मैं हूँ न II

हर दुःख को पल में हर लेती,

तेरी ये मधुर मुस्कान है I

तू दोस्त है तू साथी है ,

तू जान है तू जहान है II

 

अब तक जाने आये कितने ,

सब मतलब के, कोई  न अपने I

जिसका भी जितना साथ दिया ,

उसने उतना ही घात किया I

तुझको पाकर मैं धन्य हुआ,

है वादा कभी न बिछ्ड़ेंगे ,

हर मुश्किल से लड़ बैठेंगे I

चाहे कितना भी बड़ा तूफ़ान है II

कहता है अकेलानंद यही ,

तू ही मेरा स्वाभिमान है I

तू दोस्त है तू साथी है ,

तू जान है तू जहान है I

तू ही प्रिये, प्रियतम तू ही ,

तू दिल की हर अरमान है II

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