पैरोडी

राहुल ये रो रो कहे

इक बार बनाकर पी एम् हमको देखो मोदी जी

 

जो मैं  इतना जानता पी एम् बनना बे-आस

राजनीति को छोड़कर ले लेता सन्यास

राहुल जी मोदी जी से प्रार्थना करते हुए

एक बार बनाकर पी एम् हमको देखो मोदी जी

राहुल ये रो रो कहे ।

एक बार चलाकर शासन हम देखेंगे मोदी जी

राहुल ये रो रो कहे।।

क्या काला धन होता है, क्या घोटाला होता है,

नदियों का पानी क्यों गन्दा नाला होता है,

एक बार हमें भी बजट पास करने दो मोदी जी

राहुल ये रो रो कहे।।

एच 1 बीजा से क्यों हमें ट्रम्प डराता है,

टैरिफ हम पर क्यों वो 100 परसेंट लगाता है,

एक बार ट्रंप से मीटिंग तो करवा दो मोदी जी

राहुल ये रो रो कहे।।

सभी चुनाव से पहले क्यों धमाका होता है,

ई वी एम् मशीन से वोटो का क्यों डाका होता है,

बैलेट  पेपर से वोट जरा डलवा दो मोदी जी

राहुल ये रो रो कहे।।

(मोदी जी – भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री , राहुल – कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष , ट्रंप- अमेरिका के राष्ट्रपति , एच 1 बीजा – ट्रंप द्वारा भारतीयों पर लगाया आदेश , ई वी एम् मशीन – जिससे वोट डाला जाता है )

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जो कभी हर मुस्कान पर मरते थे

कभी जो मरते थे हर मुस्कान पर मेरी,

वो मेरी हंसी पर पहरा लगाने लगे है l

सुलाते थे जो मुझको पलकों पर अपनी,

आज रात – दिन वो जगाने लगे है ll

तरसता हूँ  मिलने को कहते थे हर पल,

अब एक पल में भगाने लगे है l

पहले तो देते है जख्म जी भरके ,

फिर बेवजह मरहम लगाने लगे है l

शिकायत करू क्या खुदा से भी अब मै,

ऐसे क्यों इंसान बनाने लगे है l

सदा टूट जाता है जब दिल तुम्हारा ,

फिर भी क्यों किस्मत आजमाने लगे है ll

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ऐ मुसाफिर आज तू, फिर से अकेला हो गया

ऐ मुसाफिर आज तू, फिर से अकेला हो गया

ऐ मुसाफिर आज तू, फिर से अकेला हो गया I

महफिलों की बात क्या, एकांत में ही खो गया II

क्यों बहकता है तू बन्दे, सुनके दो मीठे बोल के ,

छोड़ जाते है तुम्हारे, जीवन में विष घोल के I

जो जगाई आस थी विश्वास की दिल में उसे,

जो मिला  हमदर्द बनके,  दर्द देकर खो गया I

ऐ मुसाफिर आज तू,  फिर से अकेला हो गया II

चेहरे पर मुस्कान तेरे, रहते थे हर पल कभी ,

साथ तेरे रहने से, गम भूल जाते थे सभी I

दिल लगाके तूने फिर क्यों, ऐसी गलती कर डाली ,

उम्र भर आंखे न भीगी, एक पल में रो गया II

ऐ मुसाफिर आज तू, फिर से अकेला हो गया

महफिलों की बात क्या एकांत में भी खो गया II

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