तेरी महिमा मैं क्या जानूं – शिव महिमा

तेरी महिमा मैं क्या जानूं – शिव महिमा

शिव महिमा – कवि बीरेंद्र गौतम

तेरी महिमा मैं क्या जानूँ, वो जाने वेद पुरान

तीनो लोक में नहीं मिलेगा तुझसे बड़ा महान

पल में प्रलय कर सकता है तू है प्रलयंकारी

दानी भी न तुझसा कोई जाने दुनिया सारी

झोली ही कम पड़ जाती जिसको तू देता दान

तीनो लोक में नहीं मिलेगा तुझसे बड़ा महान

जब जब संकट आया जग पर तूने ही संहार किया

जल थल नभ का एक ही पल में तूने है उद्धार किया

सारे प्राणी पूजे तुझको देव हो या शैतान

तीनो लोक में नहीं मिलेगा तुझसे बड़ा महान

मैं अज्ञानी नर अभिमानी कभी न तुझको याद करू

विपति पड़े तो उस पल आकर तुझसे ही फरियाद करू

कुछ न सोचे कैसे भी हो कर देता कल्याण

तीनो लोक में नहीं मिलेगा तुझसे बड़ा महान l

 

कवि – बीरेंद्र गौतम ” अकेलानंद” – बस्ती

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