महंगाई देवता – MEHANGAI DEVATA

महंगाई देवता

 

हे मंहगाई देवता तुमको है प्रणाम ,

इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।

रोज बढ़ाते दाम तुम , जरा न करते देरी,

तुम्हे पूजते वही रात दिन , करते जो हेरा फेरी ।।

रोटी कपड़ा घर का सपना बस केवल अरमान,

इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।।

सब्जी मंडी रो रही , सिसक रहा है गल्ला,

तरस रहा है दूध को देखो हर एक छोटा लल्ला ।

सेव संतरे तड़प उठे , न रहा कोई पहचान,

इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।।

महँगी हुई किताबे कापी, महँगी हुई दवाई,

खर्चे केवल बढ़ रहे है  , बढती नहीं कमाई ।

डीजल पेट्रोल के दाम को सुनकर निकली जाये जान,

इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।।

बेटा देखो खड़ा लाइन में लेने टिकट धुरंधर,

माँ बापू है खड़े हाथ में खाली लिए सिलिंडर ।

सिखा दिया है थोड़े दिन में कैसे जिए इंसान,

इस दुनिया में तुमसे बढ़कर कोई नहीं महान ।।

इसे भी पढ़े : मुझे वोट देने का क्या लोगे तुम

महंगाई देवता – MEHANGAI DEVATA Read More »