देखते देखते अश्क बहने लगे

Spread the love

देखते - देखते अश्क बहने लगे

देखते देखते अश्क बहने लगे

ये मुलाकात कैसी है मेरे सनम

जख्म दिल के मेरे रोके कहने लगे।।

देखते देखते   ………………..

तुमको क्या है पता कैसे जीता हूँ मै

याद में तेरी अश्को को पीता हूँ मैं

क्या कमी थी मोहब्बत में  मेरे बता

लोग क्यों  बेवफा मुझको कहने लगे।।

देखते देखते……………………

तेरी आँखों में जब मेरी तस्वीर थी

कितनी अच्छी भली अपनी तकदीर थी

दिल दुखा  करके तुमको मजा क्या मिला

जिन्दगी  मेरी मुझपे  ही हंसने लगे।।

देखते देखते ………………..

गम जुदाई का बर्दाश्त होता नहीं

इस जमाने पे मुझको भरोसा नहीं

अब बता मुझको जीने से क्या फायदा

जिस्म से जान अब तो निकलने लगे।।

देखते देखते अश्क बहने लगे

ये मुलाकात कैसी है मेरे सनम

जख्म दिल के मेरे रोके कहने लगे।।

 

इसे भी पढ़े : तन्हा दिल – कभी जो दिल में रहते थे हमदर्द बनके मेरे 

Leave a Comment

Your email address will not be published.